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एक खत

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एक खत के इंतजार मे बीतते थे वो दिन,जो रिस्तो के साथ दिलों को जोडता था,एक खत के इंतजार...

एक खत

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एक खत के इंतजार मे बीतते थे वो दिन,जो रिस्तो के साथ दिलों को जोडता था,एक खत के इंतजार...

नवरात्रि- इस नौ रात्रि में स्वयम को जानो

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 अपने भीतर जाकर खुद को जानने का त्यौहार है " नवरात्रि " - आनंदश्री- सत्य एक लेकिन रूप अनेक...

उनको तय करने लगी हूँ…

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ख्याल उनका और बातें उनकीउनका दिन और रातें उनकीऐसा लगता है मैं उनकी होकर उनको कुछ तय करने लगी...

श्राद्ध

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आज सुबह से ही घर में चहल-पहल थी। मयंक के पिता का श्राद्ध था। मयंक एक नामी डॉक्टर था। उसके...

“गौरा”

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कजरारे नैन मन भाएपूंछ इसकी जमीन छू जाएहट्टी कट्टी कद काठी कीनिराली है मेरी गौरा,चंचल मन, चिकना तनमीनू को...

चांद का तकिया बनाकर

तारों की सेज सजाकरनिंदिया तुझको बुलाऊंगीतू उनको लेकर आनाख्यालों में मेरे बसे हैं वोख्वाबों में है उनको पानाप्यारी निंदिया...

नई दिशाएँ, नई राहें – आनंदश्री

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 नई दिशाएँ, नई राहें - आनंदश्री- तूफान और रास्ता, अवसर और चुनौती- यह वक्त आत्ममंथन का हैभले ही देश...

बंद और खुला

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बंद और खुलाझाँक रहे थे तब तक ही वो,जब तक बंद दरो दिवार थी.ढूँढ रहें थे पैनी नजरो से...

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श्राद्ध

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आज सुबह से ही घर में चहल-पहल थी। मयंक के पिता का श्राद्ध था। मयंक एक नामी डॉक्टर था। उसके अस्पताल में दिन भर मरीजों...

फील गुड

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कभी-कभी हमारे जीवन में कुछ हादसे ऐसे हो जाते हैं जिन पर हमें गुस्सा कम और हंसी ज्यादा आती है। आज मेरे साथ भी...

सपनो से बड़ा सपना- आनंदश्री

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लघुकथासपनो से भी बड़ा सपनापांच महीने से मेहनत कर वह अपने सपनो के सायकल ले लिए पैसा जमा कर रहा था। मजदूरी करता, कभी...

कोरोना के समय भी अनुशासन की आदत डालना जरूरी...

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कोरोना के समय भी अनुशासन की आदत डालना जरूरी है - आनंदश्रीवक्त को कौन पसंद है?  वक्त किसके साथ रहता है ? वक्त किसे...

आस का पुष्प

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"विमला पानी पिला दे....!"खाँसते हुए बलवीर उठकर बैठ गया।"आहहहह यह खाँसी जान ले लेगी मेरी....!" विमला ने पानी का गिलास दिया और पीठ सहलाने...

पुरानी चिट्ठी

कमरे की सफाई करते वक्त अचानक ही रोहन की नजर एक डायरी पर गई।उसके हाथ रुक गए,और वह वही झाडू रखकर थोड़ी दूर जमीन...

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एक खत

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एक खत के इंतजार मे बीतते थे वो दिन,जो रिस्तो के साथ दिलों को जोडता था,एक खत के इंतजार मे तरसते थे वो दिन,जो...

एक खत

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एक खत के इंतजार मे बीतते थे वो दिन,जो रिस्तो के साथ दिलों को जोडता था,एक खत के इंतजार मे तरसते थे वो दिन,जो...

उनको तय करने लगी हूँ…

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ख्याल उनका और बातें उनकीउनका दिन और रातें उनकीऐसा लगता है मैं उनकी होकर उनको कुछ तय करने लगी हूँराहों से उनके कदम हटे...

“गौरा”

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कजरारे नैन मन भाएपूंछ इसकी जमीन छू जाएहट्टी कट्टी कद काठी कीनिराली है मेरी गौरा,चंचल मन, चिकना तनमीनू को दूध पिलाएदूर होते ही मुझसे...

बंद और खुला

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बंद और खुलाझाँक रहे थे तब तक ही वो,जब तक बंद दरो दिवार थी.ढूँढ रहें थे पैनी नजरो से भी,कोने में शायद कोई दरार...

बस चल

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बस चलशायद पहले भी तो बस यही रहा था यँहा चल.ऐसा कुछ खास भी तो नही गया आज बदल.थे परदे या मुखौटा वो सभी...

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नवरात्रि- इस नौ रात्रि में स्वयम को जानो

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 अपने भीतर जाकर खुद को जानने का त्यौहार है " नवरात्रि " - आनंदश्री- सत्य एक लेकिन रूप अनेक है- बुराई पर अच्छाई की...

नई दिशाएँ, नई राहें – आनंदश्री

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 नई दिशाएँ, नई राहें - आनंदश्री- तूफान और रास्ता, अवसर और चुनौती- यह वक्त आत्ममंथन का हैभले ही देश एक आर्थिक संकट से गुजर...

मन का मजबूत बनना, सफलता की गारेंटी

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मन का मजबूत, सफलता की गारेंटी है - आनंदश्रीइस पृथ्वी पर रहने वाला हर इंसान के लिए सफलता की परिभाषा और समीकरण अलग है...

संकट बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ा हमारा ईश्वर...

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संकट बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ा हमारा ईश्वर है - आनंदश्री- यह आस्था 2.0 का समय हैकोरोना के दौर ने सबकुछ बदल दिया।...

मर्दोंं की लड़ाई में गालियाँ मां-बहनों की क्यों?

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जब बात नारी पुरुष समानता की होती है, तब मन में सवाल आता है कि यदि इक्कीसवीं सदी में नारी पुरुष समानता का बोलबाला...

शिक्षक दिवस के गुरु-चेला

इधर दो-तीन सालों से शिक्षक दिवस के कई भेद सामने आए हैं- एक विश्व शिक्षक दिवस जो कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित है...

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मेरे लफ्ज़:कुमार किशन कीर्ति

1तेरे रुकसार पे जो काला तिल है,दिल-ए-बयां करता हूँ...इसमें मेरा दिल है।2देखो वह चाँद कितना खोया-खोया सा है,लगता है मेरी तरह वह भी महफ़िल...

कुछ अनकहा सा…

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सब कुछ तुमसे कह करकर चुकी मैं हल्का जी कोपर अब है कुछ अनकहा साबस तुमसे राज़दां के लिएएक तुमसे वस्ल की ख्वाहिशहर दुआ-ओ-मन्नत...

दास्तान…

2
आंखों की खामोशी शिकायतेंअब सरे आम हुई सी जाती हैंहंसने की सारी कोशिशेंअब नाकाम हुईं जाती हैंगमों का ये दायरामुझ पर ही क्यों बढने...

अल्फाज… देशप्रेम के।

1खड़ा हिमालय पुकार रहा है,फिर दुश्मन ने ललकारा हैं।उठो वीरों, और आगे बढ़ो,आज फिर भारत माँ हमें बुलायी है।2यह भारत की भूमि है,यहाँ वीरों...

वो…

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क्या है मेरी ज़िन्दगीकिदिल्लगी किस्मत भीकरे है अबलाए हैं वफ़ा की मज़ार परदुल्हन सजा के वो

लौट गए…

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इबादत कहते हैं किसकोदुआ फिर किसका नाम हैजबज़बान-ओ-दिल पथराने लगेऔरलफ्ज़ आकर लौट गएइश्क कहते हैं किसकोमेहबूब फिर किसका नाम हैजबएक पल को ले आसरा-ए-दिलऔरआकर...

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मेरे लफ्ज़:कुमार किशन कीर्ति

1तेरे रुकसार पे जो काला तिल है,दिल-ए-बयां करता हूँ...इसमें मेरा दिल है।2देखो वह चाँद कितना खोया-खोया सा है,लगता है मेरी तरह वह भी महफ़िल...

कुछ अनकहा सा…

2
सब कुछ तुमसे कह करकर चुकी मैं हल्का जी कोपर अब है कुछ अनकहा साबस तुमसे राज़दां के लिएएक तुमसे वस्ल की ख्वाहिशहर दुआ-ओ-मन्नत...

मेरे राम

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मेरे रामये सिंहासन ये सुख सुविधा, अचानक से खो जाना। राजा बनने की अभिलाषा में, यूँ वनवास हो जाना। सारे दुख दर्द सह लेना सिकन चेहरे...

दास्तान…

2
आंखों की खामोशी शिकायतेंअब सरे आम हुई सी जाती हैंहंसने की सारी कोशिशेंअब नाकाम हुईं जाती हैंगमों का ये दायरामुझ पर ही क्यों बढने...

अल्फाज… देशप्रेम के।

1खड़ा हिमालय पुकार रहा है,फिर दुश्मन ने ललकारा हैं।उठो वीरों, और आगे बढ़ो,आज फिर भारत माँ हमें बुलायी है।2यह भारत की भूमि है,यहाँ वीरों...

वो…

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क्या है मेरी ज़िन्दगीकिदिल्लगी किस्मत भीकरे है अबलाए हैं वफ़ा की मज़ार परदुल्हन सजा के वो