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जब माँ न हो….तो…

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जब गोद बनी हो चारपाई तब समझ में आता है निगाहें ठहरी हो आसमां में तारे गिनना क्या होता है एक हल्की सी...

अधूरी सी मुलाकात…

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ज़िन्दगी में कहीं न कहीं मिलते हैं कुछ ऐसे अजनबी नहीं जानते हम कि उनसे अपनी कोई बात क्या कहेंगे मुश्किल में पड़...

वो आए हैं देखिये…

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मेरी किस्मत क्या मुझे खेल दिखाए है देखिये रुख़ पर सजाए बे वफाई मिज़ाज पुरसी को वो आए हैं देखिये । एक हाथ में...

वह मित्र है – आनंदश्री

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मित्र मन के अंधेरे में उम्मीद का दिया जालाये काले बादल हटाकर चमकता सूरज दिखलाए विषाद योग अर्जुन घड़ी में श्री कृष्ण बनकर आये रिश्ते बहुत...

निगेटिव्ह विचार को डिलीट मारे- आनंदश्री

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  निगटिव्ह विचारो को करे डिलीट - आनंदश्री - ध्यान हटाओ, जिंदगी बचाओ ! आप वह हो जिसे ईश्वर ने बनाया ,...

दुनिया

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अपनी दुनिया से बाहर की दुनिया से अपनी दुनिया को देखो।   - आनंदश्री  

जीवन का हर रंग भरता है अगस्त महीना- आनंदश्री

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  बारह महीनों में अगस्त माह का अपना विशेष महत्व है- आनंदश्री - जीवन के हर रंग को रंगता है अगस्त...

फील गुड

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कभी-कभी हमारे जीवन में कुछ हादसे ऐसे हो जाते हैं जिन पर हमें गुस्सा कम और हंसी ज्यादा आती...

Writing Competition ‘Think Positive 2021’ का परिणाम घोषित

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मई 2021 में The Sahitya एवं प्राची डिजिटल पब्लिकेशन द्वारा एक आयोजन Think Positive Writing Competition 2021 का आयोजन...

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फील गुड

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कभी-कभी हमारे जीवन में कुछ हादसे ऐसे हो जाते हैं जिन पर हमें गुस्सा कम और हंसी ज्यादा आती है। आज मेरे साथ भी...

सपनो से बड़ा सपना- आनंदश्री

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लघुकथा सपनो से भी बड़ा सपना पांच महीने से मेहनत कर वह अपने सपनो के सायकल ले लिए पैसा जमा कर रहा था। मजदूरी करता, कभी...

कोरोना के समय भी अनुशासन की आदत डालना जरूरी...

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कोरोना के समय भी अनुशासन की आदत डालना जरूरी है - आनंदश्री वक्त को कौन पसंद है?  वक्त किसके साथ रहता है ? वक्त किसे...

आस का पुष्प

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"विमला पानी पिला दे....!"खाँसते हुए बलवीर उठकर बैठ गया।"आहहहह यह खाँसी जान ले लेगी मेरी....!" विमला ने पानी का गिलास दिया और पीठ सहलाने...

पुरानी चिट्ठी

कमरे की सफाई करते वक्त अचानक ही रोहन की नजर एक डायरी पर गई।उसके हाथ रुक गए,और वह वही झाडू रखकर थोड़ी दूर जमीन...

तोता रट्टा – आनंदश्री

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तोता रट्टा एक बुजुर्ग तोता ने जंगल के सभी तोते को बुला कर समझदारी की बात समझनी चाही। उसने चार महत्वपूर्ण बातें सभी को सीखा...

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जब माँ न हो….तो…

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जब गोद बनी हो चारपाई तब समझ में आता है निगाहें ठहरी हो आसमां में तारे गिनना क्या होता है एक हल्की सी आह पर ही उसका मेरी ओर...

वह मित्र है – आनंदश्री

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मित्र मन के अंधेरे में उम्मीद का दिया जालाये काले बादल हटाकर चमकता सूरज दिखलाए विषाद योग अर्जुन घड़ी में श्री कृष्ण बनकर आये रिश्ते बहुत है, रिश्ते के पार अपना बनकर...

मेरी माँ…

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मेरी माँ की एक तस्वीर मेरे लिए बस वो मन्नत है हाथों में उसके दोनों जहाँ कदमों में उसके जन्नत है पहली खुशबू बस माँ की याद छुअन वो...

क्या हर रोज़ मुझे मरना होगा…

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मेरी ओर से निर्भया को समर्पित हर शक्ल में छिपा कोई और दुनिया रिश्तों से बेजां अपनी बर्बादी के सामां से खुद मुझे ही संवरना होगा मेरे इन्सां होने...

ऊंचाईयों की और बढ़ते कदम

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निकला था सफर पर ठहरा आशियाना में व्यस्त हो गया जमाने में महत्वाकांक्षाओं की ऊंचाइयां पाने में सफर पर था व्यस्त हुआ किस्से गुनाने में उलझा बंधनों में लगा...

गीत ईश्वर का – आनंदश्री

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ईश्वर का गीत आओ ईश्वर का गीत गाए विजय उल्लास मनाए सब कुछ भुला कर उसकी शरण मे आएं आओ ईश्वर का गीत गाए शेर की दहाड़ वह सुनता है पंक्षी...

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निगेटिव्ह विचार को डिलीट मारे- आनंदश्री

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  निगटिव्ह विचारो को करे डिलीट - आनंदश्री - ध्यान हटाओ, जिंदगी बचाओ ! आप वह हो जिसे ईश्वर ने बनाया , वह नही जो लोग कह...

जीवन का हर रंग भरता है अगस्त महीना- आनंदश्री

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  बारह महीनों में अगस्त माह का अपना विशेष महत्व है- आनंदश्री - जीवन के हर रंग को रंगता है अगस्त महीना अगस्त यह महीना हम भारतीयों...

बहाने नही, इरादे बनाते । चलो इतिहास बनाते है...

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  बहाने नही, इरादे बनाते। चलो नया इतिहास बनाते है - आनंदश्री - लोग बहाने क्यो बनाते है ? - सफलता के लिए बहानो को दूर करते...

छः महीने से माइंड वेक्सीन ( Mind Vaccination) दे...

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छः महीनों  से " माइंड वेक्सीन " ( Mind Vaccination) दे रहे है प्रो डॉ  दिनेश गुप्ता -हज़ारों लोगों को करा चुके है माइंड वेक्ससीनेशन -...

शुक्र है संसार की सारी समस्या आपकी नही है...

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शुक्र मनाइए कि दुनिया की सारी समस्या आपकी नही है - आनंदश्री - यह वायुमंडल समस्या और समाधान से घिरा है आप बाहरी परिस्थिति को नही...

उठो जीवन के इस नए खेल में वापस आए...

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उठो जीवन के इस नए खेल में वापस आए - आनंदश्री - आप खेल से बाहर नही हुए है। हम सब कोरोना महामारी का सामना कर...

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अधूरी सी मुलाकात…

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ज़िन्दगी में कहीं न कहीं मिलते हैं कुछ ऐसे अजनबी नहीं जानते हम कि उनसे अपनी कोई बात क्या कहेंगे मुश्किल में पड़ जाता है दिल और रहते हैं...

वो आए हैं देखिये…

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मेरी किस्मत क्या मुझे खेल दिखाए है देखिये रुख़ पर सजाए बे वफाई मिज़ाज पुरसी को वो आए हैं देखिये । एक हाथ में प्याला और दूजे में नमक-ओ-ख़ार मेरे सनम...

संग तुम्हारे अपने नाम के लिए…

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कुछ कुछ अंदेशा होता है रुख-ए-हवा से तुम्हारे आने का खुद को सजाए बैठे हैं हम बस तुम्हारे एहतराम के लिए जो रात तुम्हारे संग कटी आंखों में सलामत...

क्या हर रोज़ मुझे मरना होगा…

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मेरी ओर से निर्भया को समर्पित हर शक्ल में छिपा कोई और दुनिया रिश्तों से बेजां अपनी बर्बादी के सामां से खुद मुझे ही संवरना होगा मेरे इन्सां होने...

मेरी माँ…

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मेरी माँ की एक तस्वीर मेरे लिए बस वो मन्नत है हाथों में उसके दोनों जहाँ कदमों में उसके जन्नत है पहली खुशबू बस माँ की याद छुअन वो...

संग तुम्हारे अपने नाम के लिए…

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कुछ कुछ अंदेशा होता है रुख-ए-हवा से तुम्हारे आने का खुद को सजाए बैठे हैं हम बस तुम्हारे एहतराम के लिए जो रात तुम्हारे संग कटी आंखों में सलामत...

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अधूरी सी मुलाकात…

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ज़िन्दगी में कहीं न कहीं मिलते हैं कुछ ऐसे अजनबी नहीं जानते हम कि उनसे अपनी कोई बात क्या कहेंगे मुश्किल में पड़ जाता है दिल और रहते हैं...

वो आए हैं देखिये…

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मेरी किस्मत क्या मुझे खेल दिखाए है देखिये रुख़ पर सजाए बे वफाई मिज़ाज पुरसी को वो आए हैं देखिये । एक हाथ में प्याला और दूजे में नमक-ओ-ख़ार मेरे सनम...

दुनिया

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अपनी दुनिया से बाहर की दुनिया से अपनी दुनिया को देखो।   - आनंदश्री  

प्रतिध्वनि – आनंदश्री

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भलाई करते चलो सब लौट आएगी प्रतिध्वनि की तरह...   - आनंदश्री

शांति और संतोष – आनंदश्री

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ऊपर वाले नीचे आना चाहते है नीचे वाले ऊपर जाना चाहते है संतोष नीचे नही, संतोष ऊपर नही।   - आनंदश्री

संग तुम्हारे अपने नाम के लिए…

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कुछ कुछ अंदेशा होता है रुख-ए-हवा से तुम्हारे आने का खुद को सजाए बैठे हैं हम बस तुम्हारे एहतराम के लिए जो रात तुम्हारे संग कटी आंखों में सलामत...