जागरूकता भी आवश्यक है

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कैसा समय आ गया है विडियो काल में बात करनी पड़ रही है ,अब बंद रहो एक कमरे में तुम मेरे दोस्त रोहन, अगर समय रहते डाक्टर की सलाह ले लेते तो स्थिति नहीं आती एक हफ्ते तक तुम अपने डाक्टर खुद बने रहे ।

हां मीत मेरे दोस्त तुम सही कह रहे हो रोहन अपने दोस्त मीत से बातें कर रहा था, ‌ और सबको एक संदेश दे रहा था ।

अपने डाक्टर स्वयं ना बनो, विषेशतया इस समय जब सम्पूर्ण विश्व में  महामारी फैली हुई है।

जागरूकता होनी अति आवश्यक है माना की हल्का सर्दी ज़ुकाम है , लेकिन यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है, आप थोड़ा सा कमजोर लापरवाह हुये नहीं, यानि बिमार पड़े नहीं की महामारी का वाइरस  आपके शरीर में जाकर तबाही मचाना शुरू कर देगा ।

फिर आप क्या करेंगे डाक्टर के पास भागेंगे….. क्यों भई जब पहले कहा था की अपने डाक्टर से सलाह ले लो तब बात मानी नहीं ,अब सिथति बिगड़ती नजर आती तो डाक्टर जी के पास जाने की याद आयी ।

अतः समय पर अपने डाक्टर से सलाह ले लें ।

याद रखिए आप डॉक्टर नहीं है अपने डाक्टर स्वयं ना बनिऐ

महामारी के मुश्किल काल में जब आप संक्रमित होते हैं और सब लोग आपके घर-परिवार मित्रों को आपके अपनों को आप से दूरी बनानी पड़ती है कि कहीं वो संक्रमित ना हों जायें ,तब यही चिकित्सक यानि आपके डाक्टर अपने जान की परवाह किए बिना एक संक्रमित व्यक्ति का इलाज करता है । एक मरीज को जब लगता है की अब मेरी बिमारी का इलाज एक डाक्टर ही कर सकता है तब जाता है मरीज डाक्टर के पास …..तब तक बिमारी की बिमारी बहुत बढ़ जाती है ,और कोई परेशानी बढ़ जाती है  तो चिकित्सा विभाग और डाक्टर को बुरा कहा जाता है अगर समय रहते डाक्टर का कहा मान लिया जाए तो स्थिति इतनी भयावह ना होती ।

जीवन को सार्थक बनाना था उद्देश्य होना भी अति आवश्यक था ,ज्ञान वर्धक ,प्रेरणादायक पड़ने और उन्हें आत्मसात करने का शौंक रहा जो आज भी सक्रय है। कुछ ऐसा करना था जो सबके भले के लिए हो ,लिखना प्रारम्भ किया ,आज इन्टरनेट पर मेरा ब्लॉग है जिसका शीर्षक "ऊंचाईयां शीर्ष आसमानी फ़रिश्ते blogpost jo की साहित्य को समर्पित है। Iblogger ने मुझे आगे बड़ने का मौका दिया ब्लॉग of the week ,best blogger ka प्रमाण पत्र किसी विशिष्ट उपलब्धि से कम नहीं है।मेरे हौसलों को उड़ान मिली तब से अब तक लेखन करू चल रहा है ,यूं तो मैं कई साइड पर पोस्ट लिखती रहती हूं ,लेकिन I blogger ka plateform विश्वसनीय है । कई साझा संकलन भी प्रकाशित हुए हैं । जिनमें ,काव्य प्रभा, अनुभूति काव्य संग्रह ,दिल कहता है ,इतिवृत, कालजयी, नारी तुम अपराजिता आदि शामिल है ।

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