नवरात्रि- इस नौ रात्रि में स्वयम को जानो

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अपने भीतर जाकर खुद को जानने का त्यौहार है ” नवरात्रि ” – आनंदश्री

– सत्य एक लेकिन रूप अनेक है

– बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार

-सत्य को पाने की दृष्टिकोण से मनाए नवरात्रि

नवरात्रि का उत्सव हमारे देश मे बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह नौ दिन का त्योहार प्रतीक है, समझ है, नए रूप में अपने आप को ढालने का त्योहार है।

नौ दैवी के रहस्य को जानो और आपने जीवन को रूपांतरित करो।

*प्रतीक की भाषा*
इंसान प्रतीक की भाषा जल्दी समझ लेता। हर प्रतीक के पीछे एक घटना एक कहानी है। यह हमें हमारे धारणा, समझ और संभव असंभव विश्वास के बारे में बताता है। नौरात्री के हर प्रतीक को समझे – घटस्थापना, गरबा, देवी के नौ रूप, दशहरा, कलश, सोने की पत्ती और आरती के शब्दों को भी।

*भीतर से बाहर की यात्रा*
अपने भीतर के विकार को जानना और उन्हें विलीन करना, असत्य पर सत्य की विजय, अपने खोये हुए सत्य को पहचानना ही नवरात्रि का मकसद रहा है। यह वर्ष का महत्व और भी बढ़ जाता है जंहा हम सोशल डिस्टेंस में जी रहे है। इंट्रोइस्पेक्शन ( अपना स्वयम का अवलोकन ) करने का सुनहरा मौका है।

*अपने ही विकार को समाप्त करें*
ये नौ दिन को मौका बनाये, अपने अंदर के विकार को समाप्त करके सच मे शुद्ध मन के साथ सभी के साथ गरबा करते हुए ईश्वर की आराधना करें। नौ दिन नौ विकार को समाप्त करे। अंदर की बुराई को चुनौती लेकर समाप्त करे।

*हर रीति रिवाज में सत्य ढूंढे*
इस अध्यात्मिक वातावरण में कई रीति रिवाज का पालन करना है। लेकिन हर रीति रिवाज आपको सत्य तक पंहुचाये, अज्ञान से आप असली ज्ञान की प्राप्ति हो।

*नौ दिन सत्य की खोज का दिन*
इस त्योहार को सत्य को ढूंढने का माध्यम बनाये। कर्म, भक्ति और ज्ञान के साथ योग – ध्यान जोड़ कर असली अध्यात्म को जाने और अपने जीवन का सत्य ढूंढे, ताकि सचमुच में आप अपने विकारों को मिटाकर दशहरा मनाएं।

प्रो डॉ दिनेश गुप्ता – आनंदश्री
मुम्बई
8007279747

Prof Dr. Dinesh Gupta - Aanand shreeLimca book of records holderGold medalist EngineerAuthor, Mindset Guru

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