पोल्ट्री फार्मिंग की तरह की जाती है बेबी फार्मिंग!!

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बेबी फार्मिंग! पढ़कर ही विश्वास नहीं होता कि पोल्ट्री फार्मिंग की तरह बेबी फार्मिंग भी हो सकती है। मतलब मुर्गी-बकरियों की तरह इंसानी बच्चों की खेती भी होती है! एक तरफ तो हम मंगल की जमीन पर जीवन की खोज कर रहे है, तो दूसरी तरफ कुछ लोगों को जमीन ही नर्क से भी बदतर जीवन दे रही है!

आज मैं आपको एक ऐसे अजीब किस्से से रूबरू करवा रहीं हूं, जो बहुत ही घिनौना है, लेकिन है सच्चाई। पूरी मानव जाति के लिए यह शर्म की बात है कि जहां हम नारी-पुरुष समानता की बातें करते है, वहां कुछ देश ऐसे है, जहां कम उम्र की लड़कियों को जबरन प्रेग्नेंट कर उनसे बच्चे पैदा करवाएं जाते है, ताकि उन बच्चों को बेच कर पैसा कमाया जा सके। अफ्रीका महाद्वीप में अत्यधिक गरीबी होने की वजह से अन्य देशों की कुरीतियों की तरह ही नाइजीरिया में बेबी फार्मिंग जैसा घिनौने काम का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।

इंसान पैसा कमाने के लिए इंसानियत की हदें कैसे पर करता है, इसकी यह बानगी भर है। इस कारोबार में पोल्ट्री फॉर्म के मुर्गियों की तरह 13 से 18 साल की लड़कियों को जबरन प्रेग्नेंट कर बच्चे पैदा करवाए जाते है। फ़िर इन बच्चों को उन लोगों को बेच दिया जाता है, जिनके बच्चे नहीं है। इतना ही नहीं तो बेबी फार्मिंग के दौरान प्रेग्नेंट लड़कियों को कड़ी निगरानी और बंदूक के साए में रखा जाता है। ज्यादती का आलम यह है कि इन लड़कियों को इतनी जल्दी जल्दी प्रेग्नेंट किया जाता है, जैसे वे इंसान न होकर मुर्गी और बकरी हो! कुछ बड़े घरों में जिनकी महिलाएं बच्चे पैदा करने में असक्षम है, वे लोग भी इन लड़कियों को खरीद कर ले जाते है और उनसे बच्चे पैदा करवाते है। वैज्ञानिक तरीके से, डॉक्टर की सहायता से बच्चे पैदा करने की तुलना में ये लड़कियां बहुत सस्ते में मिल जाती है। नाइजीरिया में इस गोरखधंधे को बेबी फार्मिंग कहा जाता है।

नाइजीरिया में यह धंधा बढ़ते ही जा रहा है। ये लोग अस्पताल से भी बीमार लड़कियों का अपहरण कर लेते है, ताकि उनसे बच्चे पैदा करा सके। नाइजीरिया के कानून के मुताबिक गर्भवती लड़की का गर्भपात नहीं किया जा सकता। इसी का फायदा उठा कर बेबी फार्मिंग की जाती है। सिर्फ़ नाइजीरिया ही नहीं तो इंडोनेशिया समेत कई और देशों में भी बेबी फार्मिंग का काम किया जाता है।

दोस्तो, जब मैं ने इस बारे में इंटरनेट पर सविस्तर जानकारी हासिल की, तब दिमाग एकदम सुन्न हो गया। सच में, मैं तो कल्पना करके ही सीहर उठी की उन बच्चियों पर क्या बीतती होगी? इतनी जील्लत भरी जिंदगी वे लोग कैसे जीती होगी? काश, इन लड़कियों की नर्क भरी जिंदगी से कोई तो उन्हें छुटकारा दिला दे!!!

मैं तुमसर, महाराष्ट्र की रहनेवाली हूं। मैं खुशियां बांटना चाहती हूं...चाहे वह छोटी-छोटी ही क्यों न हो! मैं ने 'आपकी सहेली' नाम से एक ब्लॉग (https://www.jyotidehliwal.com) बनाया है। मैं इस ब्लॉग के माध्यम से समाज में व्याप्त अंधश्रद्धा दूर करने का, समाज में जागरुकता फैलाने का, किचन टिप्स और रेसिपीज के माध्यम से इंसान का जीवन सरल बनाने के कार्य में लगी हू। • विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख एवं कहानियां प्रकाशित। • IBlogger ने मुझे Blogger of the year 2019 चुना था।

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