संकट बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ा हमारा ईश्वर है – आनंदश्री

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संकट बड़ा है, लेकिन उससे भी बड़ा हमारा ईश्वर है – आनंदश्री
– यह आस्था 2.0 का समय है
कोरोना के दौर ने सबकुछ बदल दिया। जो नही बदला वह है हमारी आस्था। बडे बडे शहरों की भीड़, गाँव नगर के बाजार अपने आस्था का स्वागत के लिए कितने उत्सुक है। ट्रैन, सड़क, बाजार सब कुछ भरा है।
कितनी ही सारी तकलीफें आयी, प्राकृतिक आपदाएँ आयी, बिजली कड़की, बारिश का कहर सब कुछ आया। लेकिन हमारी आस्था न डगमगाई। हमारे गणपति बप्पा मोरया है।
– ए मुश्किलो, देखो मेरा ईश्वर कितना बड़ा है!
आज सब कुछ फिर नई शुरुवात करने का समय है। विध्नहर्ता, दुख हर्ता का आगमन जो हो गया। हमारे विघ्न को विनाश कर हमारे विकारों को, दुखो को विसर्जित करेगा।
भले ही श्री गणेश मूर्ति की ऊंचाई कम हो गयी है लेकिन हमारी आस्था बढ़ गयी है।
– आस्था 2.0
हां , इतने विनाश स्थिति के बावजूद हमारी ईश्वर पर आस्था और बढ़ गयी। कोरोना के बाद तो आस्था का नया वर्जन 2.0 हमारे अंदर आगया। यह ईश्वर पर की आस्था थी कि हमने जल्द से कोरोना का टीकाकरण मिल गया।
– ईश्वर सतर्क के साथ आगमन कर रहे है हमे भी चाहिए कि हम भी सतर्क रहें अपने आसपास से अवगत रहे। विश्वास हो, लेकिन विश्वास में सतर्कता हो लापरवाही नही। ईश्वर दुख देने नही दुख हरने आये है। सरकारी नियम का पालन करेंगे और इस गणेश चतुर्थी को सच मे सफलता का मोरया बनाएंगे।
– एकदंत के साथ एक होने का समय
श्री गणेश जी के आगमन के साथ स्वयम को आस्था के साथ भीड़ से दूर एकांत हो कर ईश्वर के ध्यान में बैठकर एक हो जाये।
– आस्था का त्रिकोण
सत्य आस्था, सेवा और सतत ज्ञान के लिए तैयार रहे। आज के युग मे आपका ज्ञान ही आपको मुक्ति देगा।
एकत्व ध्यान करे। उसका चिंतन करे। ईश्वर ने भी अवतार के समय बड़े बड़े मुश्किलो का सामना किया तब जा कर वह ईश्वर बने।
हमारे पास भी मुश्किलो की घड़ी है। यह समय ईश्वर पर अपनी आस्था प्रकट करने का है। उनके पराक्रम, सत्कर्म, गुणों को याद करने का समय है।
– आनंदश्री
Prof Dr. Dinesh Gupta - Aanand shreeLimca book of records holderGold medalist EngineerAuthor, Mindset Guru

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