Saturday, October 31, 2020
prachi

Ritu asooja Rishikesh

जीवन को सार्थक बनाना था उद्देश्य होना भी अति आवश्यक था ,ज्ञान वर्धक ,प्रेरणादायक पड़ने और उन्हें आत्मसात करने का शौंक रहा जो आज भी सक्रय है। कुछ ऐसा करना था जो सबके भले के लिए हो ,लिखना प्रारम्भ किया ,आज इन्टरनेट पर मेरा ब्लॉग है जिसका शीर्षक "ऊंचाईयां शीर्ष आसमानी फ़रिश्ते blogpost jo की साहित्य को समर्पित है। Iblogger ने मुझे आगे बड़ने का मौका दिया ब्लॉग of the week ,best blogger ka प्रमाण पत्र किसी विशिष्ट उपलब्धि से कम नहीं है।मेरे हौसलों को उड़ान मिली तब से अब तक लेखन करू चल रहा है ,यूं तो मैं कई साइड पर पोस्ट लिखती रहती हूं ,लेकिन I blogger ka plateform विश्वसनीय है ।
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आईने में छवि

आईने में छवि विचारों से कवि जल में प्रतिबिंब जैसे चेहरे की सुंदरता मानों बच्चे की हंसी हल्के रहोगे तो आगे बड़ोगे जकड़ गए तो दूषित हो जाओगे जकड़े रहोगे और पकड़े...

चलो हल्के हो जाये

चलो आज फिर सब हल्के हो जाएं दिल से सच्चे हो जाएं बच्चे हो जायें मासूमियत के फ़रिश्ते हो जाएं मुस्कुराहटों को अपने चेहरों पर सजाएं यूं ही...

हिन्दी हिंदुस्तान का गौरव …….

हिन्दुस्तान" का गौरव ,हिंदी मेरी मातृ भाषा, हिंदुस्तान की पहचान हिंदुस्तान का गौरव "हिंदी" मेरी मातृ भाषा का इतिहास सनातन ,श्रेष्ठ,एवम् सर्वोत्तम है । भाषा...

“बदलना है तो सोच बदलें “

"नजर बदलें, नजरिया बदलेगा जमाना खराब नहीं जमाना हमसे है हमारी सोच से है बदलना है तो सोच बदलें जमाना बदल जाएगा " होश की बातें करते हैं वो जो...

*वाइरस*

आज के युग में विषेले जीवाणु को पहचान पाना आसान है ,बजाय मनुष्य के ......मन में पनप रहे नफरत के जहर को वाइरस के संक्रमण का डर...

*जागृति की मशाल *

कविता मात्र शब्दों का मेल नहीं वाक्यों के जोड़ - तोड़ का खेल भी नहीं कविता विचारों का प्रवाह है आत्मा की गहराई में से समुद्र मंथन के...

आत्मनिर्भरता (यानि आत्मबल )

आत्मनिर्भरता यानि किसी भी कार्य को करने के लिए किसी की निर्भरता के बिना अपने कार्य को स्वयं अपनी बुद्धिमत्ता एवम् कार्यकुशलता से पूर्ण...

देशप्रेम की शुभ भावना

देश प्रेम की शुभ भावना समृद्धि की शुभकामना तरक्की की नई मिसाल को है खुला आसमां चलो उठो मेरे देश भारत माता के करम वीरों कर्मठता की...

परमात्मा की वसीयत

प्राकृतिक संपदाओं की वसीयत मनुष्य जीवन को दिव्य भेंट सृष्टि की संरचना प्राणियों की उत्पति धरती पर जीवन परमात्मा द्वारा सुव्यवस्था सुंदरतम उपहार  जीविका के साधनों की भरमार रहस्यमयी प्रकृति अनमोल प्राकृतिक संपदाओं...

वक़्त कोई भी गुजर जाता है

वक़्त कोई भी हो गुजर जाता है समय का चक्र चलता जाता है सुख-दुःख, हार-जीत कही ऊंचे पहाड़, कहीं पथरीली राहे जिन्दगी अगर सरल है ,तो जिन्दगी में विषमताएं...