Saturday, October 31, 2020
prachi

Abhinav Kumar Saini

नाम-अभिनव कुमार सैनी। पता-510 राधिका विहार मांढी चौराया 1,मथुरा। शिक्षा-म.बी.ए मैं शायर ए अभी कहानी लेखन और शायरी लिखता हूँ।मैने यह सब खुद ही सीखा हैं।मुझे शायरी,पोयम्स, कहानी लिखना अच्छा लगता हैं।साहित्य पब्लिकेशन ने मुझे ये मौका दिया ह की मैं डिजिटल पोर्टल पर अपनी शायरी शेयर कर पाउ, उम्मीद हैं आप सबको मेरी रचनाओं में एक शायर का एहसास होगा।
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वादा

कर के वादा शाम का, वो मिलने आये रात मैं, हैं दिल बेचैन , वो बहलाने आये रात मैं, हो गईं हैं मोहब्बत तुमसे इतनी, की तुम रोये वहाँ...

150पोस्ट

सुरु हुआ जो सफर सुहाना, आ पहुचा ह 150 पोस्ट तक, शायरी मैं पहचान बनी, कविताओं मैं सराह, सहित्य पब्लिकेशन के साथ साथ बानी हैं पहचान, शयार ए अभी...

छोड़ दो अंचल

छोड़ दो अंचल कि शाम हो चली, दिल हैं बेचैन की शाम हो चली, कब आएगा ये पल सुहाना शाम जो चली, हम हाथ पकड़े वो हाथ...

आयी रे खुशी

सावन झुम झुम आयी रे खुशी, आंगन मैं बैठ नाचे झूमे हैं सब, खिल खिला रही हैं खुशी, नाने से हाथ औऱ पेर उसके , कर रही ह...

तस्वीर से निकाल के

तस्वीर से निकाल के  सुंदर कर दिया, कागज मैं पिरो के नूरानी कर दिया, हैं नहि यकीन हमे कि वो देखेगी तस्वीर को, उस तस्वीर को देख...

तेरे मन का हाल

तेरे मन का हाल क्या कहे हम, हैं तेरे मन मैं भूचाल क्या कहे हम, ना सुन पाए हम तेरे सासो का तूफ़ान क्या कहे हम, न...

वो पल

वो पल जो हमने साथ बिताए, न जाने कब वपस आये, मिल लो हमसे आ कर, कही वक़्त हमारे अगन मैं ना मिले, हो सके तो रूटों को...

मिलो दूर

मिलो दूर कही आप हमारे दिल मैं बसी हैं, दोनों हैं नाराज़ फिर भी आप हमारे दिलों मैं बसी हैं, दूरियों मैं जो प्यार मुक़म्बल रहा, वही...

नैनो में कुछ झलका

नैनों मैं कुछ झलका, कही तो कोई खोया है, हम तो रोया नहीं, फिर क्यों तूफान आया हैं, वो बादलो कि चमक , और तेरे मेरे दिल का हाल, दोनों...

तेरे मेरे दरमियान

तेरे मेरे दरमियान कुछ तो हैं, बात न हो ऐसा तो हलात नही हैं, भीगे हुए कागज पे कलम कि स्याही, होटो पर तेरे नाम के बोल...