Saturday, October 31, 2020
prachi

Sukhvinder Singh Manseerat

नाम-सुखविंद्र सिंह मनसीरत पिता-श्री गुरमीत सिंह घासीवाल माता-स्व.श्रीमती मनजीत कौर घासीवाल पत्नी-श्रीमती कमलेश मोही (कमल) बेटी-मनसीरत कौर (नूर) व्यवसाय-अंग्रेजी प्रवक्ता, रा.उ.वि.खेड़ी सिम्बल वाली (कैथल) शिक्षा-एम.ए.(अंग्रेजी),बी.एड.,डी,एड प्रारंभिक शिक्षा-रा.प्रा.पा.खेड़ी राओ वाली(कैथल) ज.न. वि.तितरय (कैथल)-हरियाणा जन्मस्थली-खेड़ी राओ वाली (कैथल) जन्मता-06/08/1977 निवास-म.न.-284,HBC मॉडल टाऊन,जीन्द रोड़ कैथल (हरियाणा)-136027 मोबाइल-9896872258 साहित्यिक उपलब्धि- 1(क)काव्य कृति-मनसीरत शहद बूँद (ख) सांझा काव्य संग्रह-मैं निशब्द हूँ 2(क)विलक्षणा साहित्य सारद पुरस्कार (सौजन्य-विलक्षणा संस्था,अजायब) (ख)साहित्यनामा द्वारा certificate of emergence आजादी की कीमत रचना के लिए 3.दी ग्राम न्यूज समह की ऑनलाइन समाचार पत्र दैनिक, साप्ताहिक,मासिक पत्रिका मैं निरन्तरता में प्रकाशित रचनाएं 4.साहित्य मंजरी में प्रकाशित रचनाएं 5.साहित्यिक पीडिया एवं प्रतिलिपि साइट पर निरन्तरता में प्रकाशित रचनाएं 6.हिन्दी,अंग्रेजी,पंजाबी भाषा में लेखन 7,आशु कवि के रुप में ख्याति 8.अंतरा शब्दशक्ति पत्रिका में प्रकाशित रचनाएं 9.साहित्यनामा पत्रिका में प्रकाशित रचनाएं 10.प्राची पब्लीकैशन ब्लॉग पर प्रकाशित रचनाएँ
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माँमत मार उदर में

***माँ मत मार उदर में*** ********************* माँ मत मार मुझे यूँ उदर में जन्म लेना चाहूँ मैं जठर में पुत्र चाहत में क्यों करे पाप बेटी को क्यों रोके...

ख़ौफ़ ए कोरोना

***ख़ौफ़ ए कोरोना*** ****************** हुआ है ख़ौफ़ ए कोरोना जब से आया है कोरोना बेखौफ़ हो कर घूमता है सर्वत्र विराजित कोरोना चहुंओर है रोना धोना रोमांच ले उड़ा कोरोना फांसले दरमियाँ...

बीस वर्षीय बधाई

**** बीस वर्षीय बधाई ***** ************************ बीस वर्षों की हुई है कमाई बजती है खुशियों की शहनाई रही गमजदा तो कभी खुशनुमा सांसे खुश्क गले में अटकाई उतार चढाव भरी...

हालात मेरे साथ नहीं

***हालात मेरे साथ नहीं*** ********************** मेरे हालात मेरे साथ नहीं मेरे सिर पर कोई हाथ नहीं कहने को कइयों की सोहबत मौके पर था कोई साथ नहीं परछाइयां सहचार छोड़...

एक और निर्भया

******एक ओर निर्भया****** ************************* हाथरस जिले की निंदनीय घटना हृदय विदारक अमानवीय घटना निर्भया कांड की बर्बरता गए भूल गुलिस्तां के फूलों के साथ हैं शूल दरिंदों की दरिंदगी की...

निगाहों से औझल

*********** नजरों से औझल ************ ************************************* नजरों से औझल हो पर दिल में समाई रहती हो जब भी जंभाई लेती होगी याद मुझे ही करती हो नजरें मिलाता...

कोरोंना टैस्ट

***** कोरोना टैस्ट ***** ********************* बैठे थे हम यूँही खुशी खुशी कहकहे, ठिठोली और हँसी वार्तालाप में खूब मशगूल फुरसती लम्हें,बातें फिजूल डॉक्टर का था फोन आया कोरोना टैस्ट संदेश आया शिक्षकगण...

सौलह श्रृँगार में सजी दुल्हन

सोलह श्रृँगार में सजी दुल्हन ********************** सोलह श्रृँगार में सजी दुल्हन सुन्दरता की मूर्त बनी दुल्हन माथे पर टीका कानों में बाली नाक में नथनी पहनी दुल्हन लंबे लंबे काले...

कलम से लिखते जाएंगे

**** कलम से लिखते जाएंगे *** ************************** धुन की लय पर थिरकते जाएंगे भाव को कलम से लिखते जाएंगे कैसे भी नसीब हो जो हमें पल हर पल आनंद...

बेख्याली में ख्याल

*** बेख़्याली में ख्याल *** ********************* जब भी तेरा ख्याल आए मन में महक सी खिल जाए ख़्याली बन घूमता फिरूँ बयार में मन संभाल आए भौंरा बन मंडराता रहूँ प्रेम...