हिन्दी हिन्द की पहचान

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हिन्दी हिन्द की पहचान*
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मैं हिन्दी हिन्द की पहचान
अपनों बीच बनी अंजान

कहने मात्र मैं जन भाषा
मुख पर मेरे न है मुस्कान

भारतवर्ष की मातृभाषा
किताबों तक रहा गुणगान

पूर्वजों की मैं धरोहर
बच्चों बीच मैं बनी नादान

सदियों से मैं राह देखूँ
मिले राष्ट्र भाषा पदनाम

भारतेंदु ,कबीर की भाषा
रसखान रहीम परेशान

दोहा , सोरठा , तेवरी
चौपाई , छंद मधु बखान

गीत,गीतिका,कथा,कहानी
लेख,कविता,हिंदी का गान

देवनागरी जिसकी है लिपि
हिन्दी भाषा जग में महान

हिन्दी दिवस पे करें विचार
भाषा उन्नति का संज्ञान

मनसीरत मन से विसारे
हैं शिक्षाविद,ज्ञानी विद्वान
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सुखविंद्र सिंह मनसीरत
खेड़ी राओ वाली (कैथल)

prachi
नाम-सुखविंद्र सिंह मनसीरत पिता-श्री गुरमीत सिंह घासीवाल माता-स्व.श्रीमती मनजीत कौर घासीवाल पत्नी-श्रीमती कमलेश मोही (कमल) बेटी-मनसीरत कौर (नूर) व्यवसाय-अंग्रेजी प्रवक्ता, रा.उ.वि.खेड़ी सिम्बल वाली (कैथल) शिक्षा-एम.ए.(अंग्रेजी),बी.एड.,डी,एड प्रारंभिक शिक्षा-रा.प्रा.पा.खेड़ी राओ वाली(कैथल) ज.न. वि.तितरय (कैथल)-हरियाणा जन्मस्थली-खेड़ी राओ वाली (कैथल) जन्मता-06/08/1977 निवास-म.न.-284,HBC मॉडल टाऊन,जीन्द रोड़ कैथल (हरियाणा)-136027 मोबाइल-9896872258 साहित्यिक उपलब्धि- 1(क)काव्य कृति-मनसीरत शहद बूँद (ख) सांझा काव्य संग्रह-मैं निशब्द हूँ 2(क)विलक्षणा साहित्य सारद पुरस्कार (सौजन्य-विलक्षणा संस्था,अजायब) (ख)साहित्यनामा द्वारा certificate of emergence आजादी की कीमत रचना के लिए 3.दी ग्राम न्यूज समह की ऑनलाइन समाचार पत्र दैनिक, साप्ताहिक,मासिक पत्रिका मैं निरन्तरता में प्रकाशित रचनाएं 4.साहित्य मंजरी में प्रकाशित रचनाएं 5.साहित्यिक पीडिया एवं प्रतिलिपि साइट पर निरन्तरता में प्रकाशित रचनाएं 6.हिन्दी,अंग्रेजी,पंजाबी भाषा में लेखन 7,आशु कवि के रुप में ख्याति 8.अंतरा शब्दशक्ति पत्रिका में प्रकाशित रचनाएं 9.साहित्यनामा पत्रिका में प्रकाशित रचनाएं 10.प्राची पब्लीकैशन ब्लॉग पर प्रकाशित रचनाएँ

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