वादा

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कर के वादा शाम का,

वो मिलने आये रात मैं,

हैं दिल बेचैन ,

वो बहलाने आये रात मैं,

हो गईं हैं मोहब्बत तुमसे इतनी,

की तुम रोये वहाँ नींदः मैं,

हम चुप कराने आये तुम्हारे ख्वाब मैं,

हसरत हैं तुम्हारे साथ ज़िंदगी बिताने की ,

तुम राह बन कर आयी ज़िन्दगी मैं।।

prachi
नाम-अभिनव कुमार सैनी। पता-510 राधिका विहार मांढी चौराया 1,मथुरा। शिक्षा-म.बी.ए मैं शायर ए अभी कहानी लेखन और शायरी लिखता हूँ।मैने यह सब खुद ही सीखा हैं।मुझे शायरी,पोयम्स, कहानी लिखना अच्छा लगता हैं।साहित्य पब्लिकेशन ने मुझे ये मौका दिया ह की मैं डिजिटल पोर्टल पर अपनी शायरी शेयर कर पाउ, उम्मीद हैं आप सबको मेरी रचनाओं में एक शायर का एहसास होगा।

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