क़यामत है…

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तौबा क्या क़यामत है
सिर को झुकाना आपका
जुल्फें बिखरना आपकी
नज़रें मिलाना आपका
उफ़ अजब ये भोलापन
मुझको बुलाना आपका
रूहों मे उतरती सादगी
यूँ मिलना मिलाना आपका

कवयित्री एवं लेखिका।
कई साझा पुस्तकों में सहभागिता कर चुकीं हूँ।

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