चांद का तकिया बनाकर

तारों की सेज सजाकर

निंदिया तुझको बुलाऊंगी

तू उनको लेकर आना

ख्यालों में मेरे बसे हैं वो

ख्वाबों में है उनको पाना

प्यारी निंदिया तू आकर

मेरी अंखियों में बस जाना

जब तक उनको निहार ना लूं

तू अंखियों से जुदा ना हो जाना

रचना शर्मा “राही”

 

विचारों के कारवां को शब्दों में ढालती "राही"शिक्षा - स्नाकोत्तर ( संस्कृत) शिक्षा स्नातक (संस्कृत)व्यवसाय - प्रवक्ता संस्कृत ।कहानी कविता व मुक्तक विधा में लेखन ।पुरस्कार व सम्मान - रूबरू मंच द्वारा काव्य व कहानी विधा में "साहित्य श्री सम्मान" ।प्रतिलिपि पर कहानी विधा में पाठकों की पसंद में चयन ।The साहित्य द्वारा "author of the month"Award.Story mirror द्वारा "अनुभूति की उड़ान" नामक कहानी के लिए विजेताओं में चयन ।Story mirror द्वारा "जवाब उस संदेश का" कहानी का विजेताओं में चयन ।Story mirror द्वारा "वो बचपन की बातें" कविता का विजेताओं में चयन ।ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा "इंडियन अचीवर्स अवॉर्ड" 2020।शिक्षक सेवा सम्मान व शिक्षक रत्न सम्मान ।प्रत्येक वर्ष 100% परीक्षा परिणाम पुरस्कार ।The साहित्य द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रेरक लेखक सम्मान ।

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