वो गुज़रा जमाना

याद है तुमको
वो हमारी बातें
वो हंसी मुलाकातें।
वो मेरा शर्माना
तुम्हारा वो मुझे हंसाना।
हमारा बारिश में भीगना,
मेरा तुमसे लिपट जाना।
तुम्हारा मेरे गालों को सहलाना,
मेरा वो घबराना।
साथ साथ बैठना,
हाथों में हाथ ले मुस्कुराना।
तुमसे मिलकर मेरा पलकें झुकाना,
तुम्हारा मुझपर प्यार बरसाना।
मेरा तुम्हारे पहलू में आना,
याद है हमको तो वो गुज़रा ज़माना।
रचना शर्मा “राही”

prachi
विचारों के कारवां को शब्दों में ढालती "राही" शिक्षा - स्नाकोत्तर ( संस्कृत) शिक्षा स्नातक (संस्कृत) व्यवसाय - प्रवक्ता संस्कृत । गद्य पद्य व मुक्तक विधा में लेखन । पुरस्कार व सम्मान - रूबरू मंच द्वारा काव्य व कहानी विधा में "साहित्य श्री सम्मान" । प्रतिलिपि पर कहानी विधा में पाठकों की पसंद में चयन । The साहित्य द्वारा "author of the month" Award. Story mirror द्वारा "अनुभूति की उड़ान" नामक कहानी के लिए विजेताओं में चयन । Story mirror द्वारा "जवाब उस संदेश का" कहानी का विजेताओं में चयन । ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा "इंडियन अचीवर्स अवॉर्ड" । शिक्षक सेवा सम्मान व शिक्षक रत्न सम्मान । प्रत्येक वर्ष 100% परीक्षा परिणाम पुरस्कार ।

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