सावन का संदेशा

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श्वेत ओढ़नी ओढ मखमली

सूरज की तपिश मिटा रहा है

आकाश से सावन का संदेशा

आ रहा है ।

नीलगगन में मची खलबली

मेघों का समूह तरह-तरह के

चित्र बना रहा है आकर्षण से

सबको लुभा रहा है ।

गरजते मेघ देते संदेश

मौसम सावन का आ रहा है

साज भी मानों बज रहे हैं

दामिनी की तरंगों से चमकता आकाश

रिमझिम वर्षा से वसुन्धरा को हर्षा रहा है

धरती की प्यास बुझा रहा है

श्वेत मखमली मेघों की ओढ़नी

नीलगगन की छवि मोहिनी ।।

 

 

जीवन को सार्थक बनाना था उद्देश्य होना भी अति आवश्यक था ,ज्ञान वर्धक ,प्रेरणादायक पड़ने और उन्हें आत्मसात करने का शौंक रहा जो आज भी सक्रय है। कुछ ऐसा करना था जो सबके भले के लिए हो ,लिखना प्रारम्भ किया ,आज इन्टरनेट पर मेरा ब्लॉग है जिसका शीर्षक "ऊंचाईयां शीर्ष आसमानी फ़रिश्ते blogpost jo की साहित्य को समर्पित है। Iblogger ने मुझे आगे बड़ने का मौका दिया ब्लॉग of the week ,best blogger ka प्रमाण पत्र किसी विशिष्ट उपलब्धि से कम नहीं है।मेरे हौसलों को उड़ान मिली तब से अब तक लेखन करू चल रहा है ,यूं तो मैं कई साइड पर पोस्ट लिखती रहती हूं ,लेकिन I blogger ka plateform विश्वसनीय है । कई साझा संकलन भी प्रकाशित हुए हैं । जिनमें ,काव्य प्रभा, अनुभूति काव्य संग्रह ,दिल कहता है ,इतिवृत, कालजयी, नारी तुम अपराजिता आदि शामिल है ।

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