मन को खुश रखे

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  गजल
उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।
जिंदगी का मकसद विरासत को बचा सके ।।

धरती चांद तारे सूरज सभी चल रहे ।
कांटो पर खिले गुलाब के फूल फल रहे ।।
जीवन मे माधुर्य का रस घोल सके ।
उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।।

कैसी है ये दूरियां कोई हल ही नही ।
मगर दौलत बिना आज भी सुकून नहीं ।।
लगने लगे अधीर जो मन में धीरज रखें ।
उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।।

उल्लास होना चाहिए सहज स्वीकार करें ।
जिंदगी भर  (को रोना) अब दूर करे ।।
वक्त ये मजबूर हैं दिखने लगे रास्ते रुके ।
उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।।

इस बेदर्द जमाने में कितने मलिन हुए ।
जीने मरके तक के तौर तरीके बदल गए ।।
जीवन अनमोल ये भगवान पर भरोसा रखें ।
उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।।

उलझन भरे समय में मन को खुश रखें ।
जिंदगी का मकसद विरासत को बचा सके ।।

🙏🙏🙏🙏✍ अंकित जैन 🙏🙏

राष्ट्रीय युवा क्रांतिकारी आसु व हास्य व्यंग्य कवि
नौगांव जिला छतरपुर मप्र  मो .- 9479666123

राष्ट्रीय युवा क्रांतिकारी आसु व हास्य व्यंग्य कवि
नौगांव जिला छतरपुर मप्र 
मो .- 9479666123

1 COMMENT

  1. उलझन भरे समय में मन को खुश रहें
    जिन्दगी का मकसद है विरासत को बचा सके
    सार्थक प्रस्तुति

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