मुहब्बत है उनसे…

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ये वफा है या रब
कुछ और है ये
सताया अभी अब
मनाने लगे हैं ।

कहुँ क्या मैं उनसे
घबराए मेरा दिल
सामने से निगाहों के
वो जाने लगे हैं ।

कह दूँ मैं कैसे
मुहब्बत है उनसे
अभी आये थे कि
अभी जाने लगे हैं।

गर इश्क है ये तो
करूँ क्या खुदाया
दिल मे तराने से
आने लगे हैं ।

कवयित्री एवं लेखिका।
कई साझा पुस्तकों में सहभागिता कर चुकीं हूँ।

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