हमसफ़र…

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ज़िन्दगी में बहार आने का
इशारा है हमसफ़र
समझो उसे अपना तो
तुम्हारा है हमसफ़र

तूफ़ानों भरी मौज का
किनारा है हमसफ़र
खुदा ने तुम्हारे लिए ही
उतारा है हमसफ़र

चाहो उसे टूटकर प्यार का
मारा है हमसफ़र
डूबते हुए को तिनके का
सहारा है हमसफ़र

कुदरत का एक बेहद हंसी
नज़ारा है हमसफ़र
खुदा ने बड़ी ही फुर्सत से
सवांरा है हमसफ़र

कवयित्री एवं लेखिका।
कई साझा पुस्तकों में सहभागिता कर चुकीं हूँ।

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