आईने में छवि

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आईने में छवि

विचारों से कवि

जल में प्रतिबिंब जैसे

चेहरे की सुंदरता मानों

बच्चे की हंसी

हल्के रहोगे तो

आगे बड़ोगे

जकड़ गए तो दूषित हो जाओगे

जकड़े रहोगे और पकड़े रहोगे

तो आगे कैसे बड़ों गे

जीवन में आगे बड़ने के लिऐ

व्यर्थ छोड़ आव्यशक संग लेकर चलो

प्रकाश तभी आएगा

जब अंधकार दूर होगा

बुराई को  हटना होगा

तभी अच्छाई आयेगी

जीवन का भी यह फलसफा है

तिल -तिल दूर करना होता है

जीवन के विकारों को

सफलता के नेक इरादों की उड़ान भरने लिए ।

prachi
जीवन को सार्थक बनाना था उद्देश्य होना भी अति आवश्यक था ,ज्ञान वर्धक ,प्रेरणादायक पड़ने और उन्हें आत्मसात करने का शौंक रहा जो आज भी सक्रय है। कुछ ऐसा करना था जो सबके भले के लिए हो ,लिखना प्रारम्भ किया ,आज इन्टरनेट पर मेरा ब्लॉग है जिसका शीर्षक "ऊंचाईयां शीर्ष आसमानी फ़रिश्ते blogpost jo की साहित्य को समर्पित है। Iblogger ने मुझे आगे बड़ने का मौका दिया ब्लॉग of the week ,best blogger ka प्रमाण पत्र किसी विशिष्ट उपलब्धि से कम नहीं है।मेरे हौसलों को उड़ान मिली तब से अब तक लेखन करू चल रहा है ,यूं तो मैं कई साइड पर पोस्ट लिखती रहती हूं ,लेकिन I blogger ka plateform विश्वसनीय है ।

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