सांस्कृतिक मूल्य

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शीर्षक- सांस्कृतिक मूल्य (कविता)

गर्व करें हम मूल्यों पर अपने,
नमन करें हम मूल्यों को अपने।
मानव धर्म का ज्ञान कराएं,
मूल्य हमें इंसान बनाएं।

नैतिकता का पाठ पढ़ाएं,
मूल्य हमें सन्मार्ग दिखाएं।
भौतिक विकास का सोपान चढ़ाएं,
दिल में हमारे आध्यात्म जगाएं।

व्यक्तित्व हमारा सुंदर बनाएं,
मूल्य हमें संस्कारी बनाएं।
ईर्ष्या द्वेष से हमको बचाकर,
श्रृद्धा विश्वास मन में जगाएं।

जाति धर्म से परे ले जाकर,
राष्ट्रीय एकता का भाव जगाएं,
सामाजिक सांस्कृतिक मूल्य हमारे,
भारत को विश्व गुरु बनाएं।

भारतीय मूल्यों को हम अपनाएं,
ये विरासत बच्चों को भी दे जाएं।
आओ हम सब ये संकल्प उठाएं,
भविष्य देश का उज्ज्वल बनाएं।

रचनाकार
नवनीत कुमार शुक्ल
रायबरेली (उ० प्र०), भारत
मो० न०- 9451231908

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prachi
मैं नवनीत शुक्ल पेशे से सरकारी अध्यापक हूँ। मैं उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद में कार्यरत हूँ तथा साहित्य के क्षेत्र में विशेष रूचि होने के कारण कविताएं तथा लेख लिखता हूँ। जो विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय पत्रिकाओं एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती हैं। मैंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है।

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