Ruk Nahi Bas Chalta ja

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रुक नहीं बस चलता जा  !

आज हालात ख़राब हैं,

कल ठीक भी होंगे,

तू हौसला रख।

वक़्त निकल जायेगा,

परिस्थितियां पलट जाएंगी,

बस भरोसा रख।

कमजोर नहीं,

हालात बदल,

जल

और

परिस्थितियों को जला,

फिर उन्हें पलटता देख।

खुद को मशाल बना,

आज बुरा है,

कल अच्छा वक़्त भी आएगा,

तू रुक नहीं बस चलता जा।

तू मत घबरा,

खुदा पर भरोसा करता जा।

ये तो छोटी सी सज़ा है,

तेरे साथ,

बहुत अपने हैं,

जीते तो वो भी हैं,

जो बिल्कुल अकेले होते हैं।

खुद को एक जुट कर,

और लड़,

क्योंकि,

ताकतवर को ही सब सलाम करते हैं।

तू ढाल बन,

और,

खुद ही तलवार बन,

अपने और अपनों के लिए,

दुनिया से लड़।

परिस्थितियां इतनी बदल जाएंगी,

कभी सोचा नहीं था,

पर हौसला रख,

और,

यकीन कर उस खुदा पर,

रुक नहीं बस चलता जा।

 

Copyright @ Oasis Chaudhary

Doing Master Degree and write poems .

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