‘Think Positive’ Writing Competition 2021

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प्रेरणात्मक रचनाओं के साथ आप आमंत्रित हैं

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि कोरोना से पूरा देश लड़ रहा है, हमारे देश के डॉक्टर और स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से प्रत्यक्ष रूप से लड़ रहें है। आज हर कोई परेशान है, इसको ध्यान में रखते हुए हम आपको ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। ताकि आपकी रचनात्मक साहित्य के माध्यम से समाज को प्रेरणा मिल सके।

रचनाएं सबमिट करने की अंतिम तिथि : 20 जून, 2021
परिणाम की घोषणा हेतु तिथि : जुलाई, 2021

प्रतिभाग करने के लिए नियम एवं शर्तें-

✔ ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 में प्रतिभाग हेतु देशभर से सम्मानित कवि, कवयित्रियाँ, गीतकार, मुक्तक लेखक, गज़लकार, युवा व वरिष्ठ साहित्यकार और लेखक सादर आमंत्रित हैं।

✔ रचनाकार अपनी रचना किसी भी विधा कहानी, मुक्तक, गीत, लघुकथा, कविता या प्रेरक प्रसंग या अन्य किसी भी विधा में अंतिम तिथि से पूर्व The Sahitya पर सबमिट कर सकते हैं। रचनाएं अंग्रेजी एवं हिन्दी भाषा में सबमिट की जा सकती है। ध्यान दें कि रचनाएं प्रेरक एवं सकारात्मक होनी आवश्यक है, अर्थात आपकी रचनाएं ‘निराशा से आशा की ओर’ या ‘मुश्किल समय में साहस के साथ जीवन जीने के लिए’ प्रेरणा प्रदान करने वाली रचनाएं हो।

✔ एक रचनाकार अधिकतम पांच रचनाएं ही सबमिट कर सकता है। यदि किसी भी रचनाकार की रचना ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 के लिए उपयुक्त नहीं पाई जाती है तो उस रचनाकार की रचना को आयोजन में शामिल करने से रोकने का निर्णायक मंडल को पूर्ण अधिकार होगा।

✔ The Sahitya एवं प्राची डिजिटल पब्लिकेशन की ओर से ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 में प्रतिभाग करने वाले रचनाकारों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा।

✔ यदि The Sahitya पर आपकी प्रोफाइल अधूरी है, तो कृपया अपनी प्रोफाइल को पूर्ण जरूर कर लें, यदि हमें आपकी प्रोफाइल पर वास्तविक प्रोफाइल फोटाे या परिचय नहीं मिलता है तो आपकी रचनाओं को आयोजन में शामिल नहीं किया जाएगा।

✔ निर्णायक मंडल या The Sahitya का ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 के लिए प्राप्त होने वाली रचनाओं को लेकर कोई भी निर्णय अंतिम होगा और The Sahitya किसी भी निर्णय एवं नियम व शर्तों में बदलाव करने के लिए स्वतंत्र होगा।

✔ निर्णायक मंडल द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रेरक लेखक – 2021 की उपाधि के लिए एक प्रतिभागी, श्रेष्ठ प्रेरक लेखक – 2021 की उपाधि के लिए तीन प्रतिभागियों एवं प्रेरक सृजक – 2021 की उपाधि के लिए 10 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। 30 अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना सम्मान से प्रेषित किया जाएगा।

✔ यदि आप ‘Think Positive’ Writing Competition 2021 से संबंधित अन्य कोई जानकारी चाहते हैं तो हमें ई-मेल के माध्यम से editor@thesahitya.in पर संपर्क करें।

अब तक प्राप्त रचनाएं पढ़नें के लिए क्लिक करें

कैसे प्रतिभाग करें-

✔ सर्वप्रथम आप The Sahitya पर पहले से ही पंजीकृत नहीं हैं तो पोर्टल पर जाकर स्वयं काे पंजीकृत करें। अपना रजिस्ट्रेशन करने के लिए विजिट करें – www.thesahitya.in

✔ लॉगइन करने के बाद नई पोस्ट लिखें, और कैटेगरी में Think Positive को सेलेक्ट करें। उसके बाद Submit to Editor पर क्लिक करके प्रकाशन के लिए भेज दें।

✔ The Sahitya पर अपनी प्रोफाइल अपडेट करने के लिए My Profile पर जाए और प्रोफाइल अपडेट करें। प्रोफाइल फोटो अपलोड करने के लिए Profile Photo पर जाकर फोटो अपडेट करें।

निर्णायक मंडल सदस्य

सुप्रिया पाठक ‘रानू’

सुप्रिया पाठक ‘रानू’ जी युवा कवयित्री व लेखिका हैं और वर्तमान में शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हैं। आप मूलतः काव्य, लघुकथा, कहानी, निबंध आदि विधाओं में लेखन करतीं है। आप अब तक कई साझा संकलनों में सक्रिय भूमिका में रहीं हैं और आपको साहित्य के क्षेत्र में सक्रियता के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा जी कवि व लेखक हैं और वर्तमान में शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत हैं। शिक्षा सेवा में कार्यरत राजीव जी गरीब व असहाय छात्रों को नि:शुल्क शिक्षा भी प्रदान कर रहें है। आप मूलतः काव्य, लघुकथा, कहानी आदि विधाओं में लेखन करते है। आपकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है और कुछ प्रकाशनाधीन हैं।

अनुरोध कुमार श्रीवास्तव

अनुरोध कुमार श्रीवास्तव जी प्रसिद्व कवि व लेखक हैं और वर्तमान में ग्राम्य विकास विभाग में प्रतिष्ठित पद पर सेवारत हैं। आपकी दो पुस्तकें प्रकाशित हो चुकीं है और आप The Sahitya पोर्टल के सबसे ज्यादा सक्रिय सम्मानित लेखक हैं। आप मूलतः काव्य, लघुकथा, कहानी आदि विधाओं में लेखन करते है।

prachi
The Sahitya की संपादकीय टीम का प्रयास रहता है कि पाठकों के लिए बेहतर और प्रेरक साहित्यिक रचनाएं प्रकाशित करें और साथ ही हमारे साथ जुड़े साहित्य सृजकों की समस्याओं का समाधान समय से कराएं।

17 COMMENTS

  1. बहुत बढ़िया स्पर्धा का आयोजन किया है आपने। इससे ब्लॉगर्स को प्रेरणा मिलेगी।

  2. इस तरह की प्रतियोगिताएं समय-समय किये जाने की आवश्यकता है जिससे नए लेखकों को एक प्लेटफार्म मिलने के साथ प्रोत्साहन मिल सके। सकारात्मक सोच के साथ प्रशसनीय कार्य।

  3. श्रेष्ठ रचना निर्माण हेतु यह साहित्यिक प्रतिस्पर्धा रचनाकारों के सर्वश्रेष्ठ योगदान के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

  4. इस प्रतियोगिता के कारण मुझे लेखन के लिए प्रोत्साहन मिला।आप सब बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं।
    धन्यवाद

    • आपकी अनमोल टिप्पणी के लिए सादर धन्यवाद आदरणीया। हमें खुशी है कि कि आपको हमारा छोटा सा प्रयास पसंद आया है।

  5. इस प्रतियोगिता को आयोजित करने के लिए आपका हार्दिक आभार आदरणीय
    ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित होने से सभी रचनाकारों को लिखने का उत्साह उत्तपन्न होता है यह भी एक साकारात्मक प्रयास है आपका

    • हमें बेहद खुशी है कि आपको हमारा प्रयास पसंद आया है। हम आपकी अनमोल टिप्पणी के लिए सादर धन्यवाद करते हैं।

  6. The sahitya की पूरी टीम का प्रतियोगिता पुनः आयोजित करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।
    क्योंकि इस तरह की प्रतियोगिता से ब्लॉगर्स को एक तरह की प्रेरणा मिलती है। जो सिर्फ इस प्लैटफॉर्म पर ही मिल रही है।
    पुनः बहुत बहुत धन्यवाद।

    • आपकी अनमोल टिप्पणी के लिए सादर धन्यवाद आदरणीया। हमें खुशी है कि कि आपको हमारा छोटा सा प्रयास पसंद आया है।

  7. सबसे ज़्यादा प्रशंसनीय बात यह है कि किसी ने तो इस महा विपदा की घङी में केवल सकारात्मक लेखन पर ज़ोर दिया है । अन्यथा सामान्य दिनों में भी जितना नकारात्मक आप लिखें, उतनी ही सराहना मिलते और सत्कार होते हमने देखा है । नकारात्मक सोच ही संवेदनशील होती है, ऐसा लगने लगा है । ऐसे में अंधेरे में रोशनी करने वाली विचारधारा और मिसाल विषयी लेखन को प्रोत्साहित करना हर्ष का विषय है । हार्दिक आभार ।

    • आपकी अनमोल टिप्पणी के लिए सादर धन्यवाद आदरणीया। हमें खुशी है कि कि आपको हमारा छोटा सा प्रयास पसंद आया है।

  8. बहुत बढ़िया , चारो तरफ नाकारात्मक स्थिति जागृत है ,ऐसे में यह एक सराहनीय कार्य है।बहुत बहुत साधुवाद।

    • आपकी अनमोल टिप्पणी के लिए सादर धन्यवाद आदरणीया। हमें खुशी है कि कि आपको हमारा छोटा सा प्रयास पसंद आया है।

  9. आदरणीय संपादकों से विनम्र अनुरोध है कि अधिकतर रचनाओं में वर्तनी की त्रुटियों पर ध्यान दें. कई बार रचना अच्छी होते हुए भी पढ़ना मुश्किल हो जाता है. क्या केवल वर्तनी सम्पादित करना संभव नहीं ?
    अन्यथा सकारात्मक रचनाएं पढ़ना बहुत अच्छा लग रहा है. मानो …
    “दिल में इक लहर सी उठी है अभी,
    कोई ताज़ा हवा चली है अभी .”

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