चिटफंड कंपनी की एक बैठक

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चीटफंड कंपनी की एक बैठक!
“हम एक नई परियोजना लाये हैं,
अतुल धन-सम्पदा कमाने को हमने
कई हथकण्डे अपनाए है।
अभी तक सफल नहीं मिले हम,
नहीं फिर भी कोई गम नहीं है। “
– भूमिका बांधने के साथ ही कंपनी के प्रेसीडेंट ने अपनी तस्वीरों को शुरू किया।
“क्योंकि आज हम चीटफंड कंपनी के जरिये लोगों को चीट कर फंड जमा करेंगे। लोग हमें फंड के रिफंड की आशा करेंगे और हम सारा फंड लेकर रफूचक्कर हो जाएंगे।”
“लेकिन यह कैसे संभव होगा?
हम तो अक्सर ही हटते रहे हैं। ”- एक कर्मचारी ने सवाल दागा।
“नहीं, तुम जरा भी फ्रॉक,
कर रहा हूँ अब मैं हूँ इसी मुद्दे का जिक्र। “प्रेसीडेंट की वाणी में उत्साह था।
“हमारी कंपनी का हर एक कर्मचारी अपने नीचे एक आदमी को जोडगे, जुडने वाला आदमी जवाइनिंग फीस के रूप में 1000 रुपये जमा करेगा। यह 1000 रुपये सीधे चीटफंड कंपनी के खाते में जमा होगा। कंपनी उस आदमी को लाइफ टाइम हर आदमी 100 रुपये रिफंड होगा। वह आदमी अपने नीचे दो आदमियों को जोडेगा और वे दो आदमी भी अपने नीचे दो- दो आदमियों को जोड करेंगे। इस तरह से आदमी जुडते जायेंगे, हमारी कंपनी का प्रोफिट बढता जायेगा और हम जुडने वाले हर आदमी को 100 रुपये हर महीने देते जायेंगे। “
बैठक में उपस्थित सभी कर्मचारी पेशोपेश में पडाई।
“लेकिन, इससे हमें क्या फायदा होगा?” – एक कर्मचारी ने हिम्मत करके पूछा।
प्रेसीडेंट ने हल्के से मुसकराते हुए कहा- ” 6 महीने में ही हमारे चंगुल में  लाखों मुफ्तखोर फंस जायेंगे और सातवें महीने में हम कम्पनी बंद करके रफूचक्कर हो जायेंगे। “
प्रेसीडेंट की बुद्धीमत्ता पर हाॅल कॉर्डिस की गडगडाहट से गूंज उठा।
सभा की सफलता पर सबने एक दूसरे को बधाई दी।
इसी के साथ मुलाकात समाप्त हुई।
prachi

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