आओ साकारात्मक ऊर्जा का संचार करें

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आओ साकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो जायें

आओ साकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बन जायें

आओ साकारात्मक ऊर्जा के संचार में व्यस्त हो जायें

आशा के दिव्य दीपक प्रकाशित करें

जब-जब निराशा के काले घने मेघ

घिर -घिर आयें आकर डरायें

अनहोनी होने का डर मन को

विचलित कर जाये धैर्य का कवच

धारण कर अपना मनोबल बढ़ायें

आत्मबल पर दृढ़ निश्चय हो परिपक्व

हों जायें हौसलों की उड़ान भरते जायें

धीरज धारण कर सही समय तक के लिए

विश्राम अवस्था में जायें,संग सतर्कता के गुण अपनायें

व्यर्थ बातों की उलझन भरी नाकारात्मक

सोच के काले घने मेघों में स्वयं को घिरने से बचायें

अंधेरे का भी समय होता है काल का भी चक्र होता है

इन चक्रों की समय अवधि पूरी हो जाने तक

सब्र का बांध बनायें वक्त कोई भी हो बीत जाता है

आओ अच्छा सिर्फ अच्छा ही होगा

और जो होता है अच्छे के लिए होता है स्वयं को समझायें

आओ साकारात्मक ऊर्जा से भरपूर हो जायें ।

prachi
जीवन को सार्थक बनाना था उद्देश्य होना भी अति आवश्यक था ,ज्ञान वर्धक ,प्रेरणादायक पड़ने और उन्हें आत्मसात करने का शौंक रहा जो आज भी सक्रय है। कुछ ऐसा करना था जो सबके भले के लिए हो ,लिखना प्रारम्भ किया ,आज इन्टरनेट पर मेरा ब्लॉग है जिसका शीर्षक "ऊंचाईयां शीर्ष आसमानी फ़रिश्ते blogpost jo की साहित्य को समर्पित है। Iblogger ने मुझे आगे बड़ने का मौका दिया ब्लॉग of the week ,best blogger ka प्रमाण पत्र किसी विशिष्ट उपलब्धि से कम नहीं है।मेरे हौसलों को उड़ान मिली तब से अब तक लेखन करू चल रहा है ,यूं तो मैं कई साइड पर पोस्ट लिखती रहती हूं ,लेकिन I blogger ka plateform विश्वसनीय है । कई साझा संकलन भी प्रकाशित हुए हैं । जिनमें ,काव्य प्रभा, अनुभूति काव्य संग्रह ,दिल कहता है ,इतिवृत, कालजयी, नारी तुम अपराजिता आदि शामिल है ।

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