Saturday, October 31, 2020
prachi

Geet

खेलें रोज पहेली

राजनीति की चालें होती कैसी मैली लाभ उठाएँ सबका। खेले रोज पहेली। वोट सगा है इनका वादे इनके झूठे निर्धन देखें सपने देव रहें बस रूठे भूखों की बस्ती में ट्रक शराब उड़ेली। भूख...

पहाड़ाँ वाली मैया

बीच पहाड़ाँ भवन है मां का। पावन पर्वत पर जइयो।। वहां देवी माता आएंगी। तू देखता रहियो। जब देवी माता आएं तो तू भी जोत जला देना, सब मनोकामना पूरी...

मासूम बेटिया

********* मासूम बेटियाँ ******** **************************** फूल सी नाजुक मासूम होती हैं बेटियाँ कायनात पर नियामत होती है बेटियाँ संवेदनशील होता है स्वभाव निराला संयमित मान मर्यादित होती है बेटियाँ बेटों...

गाँव की खुशबू

******गाँव की खुश्बू******* *********************** गाँव की खुशबू रग रग समाई जहाँ पे देखूँ,दे पग.पग दिखाई पीपल,बरगद,नीम सघन छाया जहाँ पर प्यारा बचपन बिताया बाल सखा संग पींगें चढाई जहाँ पे देखूँ,...

हिन्दी हिन्द की पहचान

हिन्दी हिन्द की पहचान* ******************** मैं हिन्दी हिन्द की पहचान अपनों बीच बनी अंजान कहने मात्र मैं जन भाषा मुख पर मेरे न है मुस्कान भारतवर्ष की मातृभाषा किताबों तक रहा...

प्रेम पवन

*******प्रेम पवन****** ******************** प्रेम पवन प्रबल चल पड़ी प्रेमियों संग है चल पड़ी जो उसकी राह में आया बाँह पकड़ के है चल पड़ी कोई भी न बच पाया है प्रेम...

हो गई धन्य धन्य

geeta जीवन में ऐसे आए कान्हा, हो गई धन्य धन्य मेरे मन में ऐसे छाए कान्हा, हो गई धन्य धन्य बाल छवि तुमरी ,अति सोनी, लागी मेरे मन को, पलना में...

नैनो में कुछ झलका

नैनों मैं कुछ झलका, कही तो कोई खोया है, हम तो रोया नहीं, फिर क्यों तूफान आया हैं, वो बादलो कि चमक , और तेरे मेरे दिल का हाल, दोनों...

कि क्या कहे

रूठे हैं सपने, की क्या बोले, जागते हुए भी सोये हैं, असमान किनारे हम रोये हैं, न जाने कब आएगा रहम किस्मत को, की शाम ए उल्फत को जानने...

यादें

**** यादें **** ************ यादें आती हैं बहुत सताती है बीती वो घड़ियाँ बहुत रुलाती हैं सारी वो बातें याद कराती है साथी जो छूटे स्मरण लाती है सूखे जीवन को सिंचित करती है दबी जो...