Saturday, October 31, 2020
prachi

Ghazal

वादा

कर के वादा शाम का, वो मिलने आये रात मैं, हैं दिल बेचैन , वो बहलाने आये रात मैं, हो गईं हैं मोहब्बत तुमसे इतनी, की तुम रोये वहाँ...

माँमत मार उदर में

***माँ मत मार उदर में*** ********************* माँ मत मार मुझे यूँ उदर में जन्म लेना चाहूँ मैं जठर में पुत्र चाहत में क्यों करे पाप बेटी को क्यों रोके...

गले लग जाओ एक बार

*गले लग जाओ एक बार** ********************* गिले शिकवे भूलो एक बार आ लग जाओ गले एक बार विरहा की मारी ,रस्ता देखे आ बुझा जा अग्न एक बार आधी बीती...

सिलसिले प्यार के

**सिलसले प्यार के** ***************** सिलसिले हुए प्यार के प्यार में एतबार के आँखें दो से चार हों आ गए दिन बहार के अकेलापन भा जाए द्वार बन्द बाजार के चक्र जब काटने...

बेदर्दी बालम

***** बेदर्दी बालम ***** ********************* बेदर्दी बालम जी कहाँ गए नहीं मिले हमें हम जहाँ गए छोटी सी बात बड़ी कर गए कर के दो दो हाथ कहाँ गए उनकी...

150पोस्ट

सुरु हुआ जो सफर सुहाना, आ पहुचा ह 150 पोस्ट तक, शायरी मैं पहचान बनी, कविताओं मैं सराह, सहित्य पब्लिकेशन के साथ साथ बानी हैं पहचान, शयार ए अभी...

छोड़ दो अंचल

छोड़ दो अंचल कि शाम हो चली, दिल हैं बेचैन की शाम हो चली, कब आएगा ये पल सुहाना शाम जो चली, हम हाथ पकड़े वो हाथ...

आयी रे खुशी

सावन झुम झुम आयी रे खुशी, आंगन मैं बैठ नाचे झूमे हैं सब, खिल खिला रही हैं खुशी, नाने से हाथ औऱ पेर उसके , कर रही ह...

“Baaz na aana” by Surekha Kothari

लोग कुछ भी कहते रहें तुम अपनी हरकतों से बाज़ न आना । ख्वाहिशों के पुल चाहे टूट जाएँ तुम अपनी फितरत से बाज़ न आना। नसीहतें देकर...

जैसे कोई गुलाब मुस्कुरा रहा है

जैसे कोई गुलाब मुस्कुरा रहा है ! उनका चेहरा यूँ नजर आ रहा है !! नजरे झुका के खड़े है वो महफिल में उनका खामोश रहना सता...