Saturday, October 31, 2020
prachi

Haiku

हिन्द की हिन्दी

हिन्द की हिन्दी (हाइकु) *************** 1 हिन्दी माँ बोली हिन्दुस्तान की शान है आन बान 2 है शहदीली रसभरी मीठी सी भरे जुबान 3 छंद शोभित अलंकारों से युक्त दोहा-चौपाई 4 है जनभाषा हिन्द की मातृभाषा मान-सम्मान 5 रसों की खान हिंदुस्तान का मान बोली भगिनी 6 ब्रज-अवधि हिन्दी...

राखी का त्योहार

राखी त्योहार *********** १ रक्षाबंधन प्यार का त्योहार भाई बहन २ श्रावण मास पुर्णिमा को है आए राखी तयोहार ३ थाली सजाए रोली कुमकुम से टीका लगाए ४ बांधे कलाई रेशम की डोर से रक्षा का वादा ५ भ्रातृ स्वसा का झलकता है प्यार दें...

राम की सीता

राम की सीता ************ राम की सीता बहुत ही कुलीन आदर्श नारी राम की लीला स्वयंबर में जीती तोड़ कमान वनगमन पति परमेश्वर निभाया फर्ज जनक पुत्री अयोध्या की रानी त्याग की मूर्ति पत्नी,सुता,माँ दुनिया बलिहारी रूपों में श्रेष्ठ सीता हरण लंकापति...

स्त्री (हाइकु)

1 स्त्री है नाजुक सोनजुही बेल सी ढूँढे सहारा 2 है हृदयतल बहुत मर्मस्पर्शी बड़ी भावुक 3 बहती गंगा सी पावन पावक सतीत्व मूर्ति 4 है कर्णधार कुल,घर-परिवार देश समाज 5 सहनशील चाँद सी शालीन हिम सी शांत 6 त्याग की देवी न्यौछावर करती प्यार अपार 7 करती रहे अथक...

तेरा देश पुकारे (हाइकु)

१. छिड़ी जंग है मतवाले कहां हो- ( युवा पीढ़ी) कमर कसो । २. आओ झट से तेरा देश पुकारे- दुश्मन ढ़ीठ। ३. मां भारती की लो रक्षा का संकल्प- शत्रु विनाशो। ४. गोली बारूद टैंक ध्वस्त कर...

हाइकु ( किसान)

१. नीचे किसान ऊपर भगवान- खाए जहान । २. अन्न उगाएं भरें सबका पेट- किसान चाचा । ३. खाओ खिलाओ खुशियां भी मनाओ- अन्न बचाओ । ४. बिना अन्न के न चलोगे तन के- खाना खा लो जी । ५. उनका...

हाइकु (धर्म)

  १. भोले भंडारी त्रिपुरारि महेश- पितु गणेश। २. नमाज़ पढ़ो कामयाबी के लिए- जन्नती बनो। ३. प्रभु यीशु को शीष नवाने जाएं- गिरिजाघर। ४. गुरूद्वारा में अरदास कीर्तन- लंगर चले। लेखक- मो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

हाला हवाले (हाइकु)

  है मयखाना संभाल को तैयार अर्थव्यवस्था मय की पेटियाँ बहुत ही जरूरी सस्ती रोटियाँ आज जरूरी बैठाना कमीशन घाटे की जाँच ये जनार्दन गठित सरकार मदिरा आधार हारा किसान फसलों की बर्बादी जीती शराब खूलें है ठेके बाजारों से पहले मूल...

माँ-बेटी (हाइकु)

माँ और बेटी जीवन की पहेली सखी सहेली घनिष्ठ रिश्ता सच्चाई से निभता परमानंद हैं परछाई परस्पर समाई जोड़ी बनाई मन के भाव झट से समझती घर बसाती मृदु हृदय सर्वस्व हैं सहती रहें हंसती हवा का झौंका पास से...

हाइकु ही हाइकु…

1. हुई बीमारी नहीं खायी दवाई- स्वर्ग सिधारी। 2. खूब पसरी मधुमालती मेरी- अति सुहाए। 3. रौनक लौटा खुला बाजार आज- बंदी वापस। 4. शत्रु पछाड़ जीत लिया है जंग- हारा कोरोना 5. गंगा का जल हुआ निर्मल अब- मानव बंदी ‌। 6. आदर्श पिता बच्चों...