Wednesday, October 28, 2020
prachi

Stories

मुर्दों के सम्प्रदाय

"पापा, हम इस दुकान से ही मटन क्यों लेते हैं? हमारे घर के पास वाली दुकान से क्यों नहीं?" बेटे ने कसाई की दुकान...

बंद पड़े सारे स्कूल

बन्द पड़े सारे स्कूल *************** बन्द पड़े सारे स्कूल वक्त हो रहा फिजूल शिक्षण की संस्थाएं बिगड़ी हैं अवस्थाएँ मौज मस्ती में बच्चे सोचें भाग्य हैं अच्छे शैक्षणिक कार्य बंद कोरोना से प्रतिबंध शिक्षक,शिक्षा,सुदूर लगती...

केन्दी हा केन्दी ना

केन्दी हा केन्दी ना वो हमारे प्यार को, ना समझ आता हैं बेक़रार दिल को, हैं प्यार रुपये मैं तुला, बिन इसके नहीं मिलता आपको कोइ राह...

आस

आज भी ननुआ के खेत को पानी नहीं मिल सका क्योंकि ट्यूबवेल केवल एक बड़े किसान के ही पास थी । तपती चिलचिलाती जून...

हौसलों की उड़ान

"अरे मुन्नी ,तूने अपने लायक कचरा तो बीन लिया, अब और कितना बीनेगी" "मुझे अनाथ आश्रम खोलना है ना अम्मा, इसीलिए और बीन रही हूँ...

सच्चे मित्र की मित्रता

विनीशा अपने बगीचे में चुपचाप गहरी सोच में डूबी हुई थी। अपने आठ साल के बेटे पार्थ को सच्ची मित्रता नहीं समझा पा रही...

गणपति सबके

"चंदन, तू क्यों उदास बैठा है?" बूढ़े बाबा ने प्यार से पूछा। चंदन कुछ बोल नहीं पाया। वह बाबा के गले लग कर रोए जा...

चिटफंड कंपनी की एक बैठक

चीटफंड कंपनी की एक बैठक! "हम एक नई परियोजना लाये हैं, अतुल धन-सम्पदा कमाने को हमने कई हथकण्डे अपनाए है। अभी तक सफल नहीं मिले हम, नहीं फिर भी...

दद्दू की जनमाष्टमी

"दद्दू आज कान्हा जी का बर्थडे है ना! आज तो मैं खूब सारी मिठाइयां खाऊंगी, आप भी खाओगे ना" दस साल की निम्मी ने...

अगर पिज़्ज़ा बर्गर बोलते..

पिज़्ज़ा - हेलो बर्गर! बर्गर - हाय! पिज़्ज़ा। पिज़्ज़ा - कैसे हो? बर्गर - कुछ नहीं, बस आजकल मेरी मांगे कुछ ज्यादा हो रही हैं। क्योंकि मैं...